देहरादून- ।उत्तराखंड में शीघ्र ही चारधाम यात्रा प्रारंभ होने जा रही है, जिसके लिए शासन ने यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड शासन के पर्यटन अनुभाग ने चारधाम यात्रा मार्गों और धामों की स्थलीय व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने हेतु वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नामित किया है।
मुख्य सचिव के निर्देशानुसार चारधाम यात्रा के प्रमुख धामों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए निम्नलिखित सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गंगोत्री धाम – सचिव बी०वी०आर०सी० पुरुषोतम निरीक्षण करेंगे।
यमुनोत्री धाम – सचिव नीरज खैरवाल को जिम्मेदारी दी गई है।
बद्रीनाथ धाम – सचिव आर० राजेश कुमार यात्रा व्यवस्था की देखरेख करेंगे।
केदारनाथ धाम – सचिव युगल किशोर पन्त निरीक्षण करेंगे।
यह सभी अधिकारी देहरादून से सड़क मार्ग के माध्यम से संबंधित धामों तक पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। इसके तहत सड़कों की स्थिति, पार्किंग सुविधाएं, तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक सेवाएं, आपदा प्रबंधन योजना और चिकित्सा व्यवस्थाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
सचिवों द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के आधार पर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे 11 अप्रैल को पूर्वान्ह 11:30 बजे मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने हेतु आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर
- उत्तराखंड में चारधाम यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। इसे देखते हुए सरकार यात्रा मार्गों को बेहतर बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को दुरुस्त करने में जुटी है। इस वर्ष सरकार की प्राथमिकता यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।